डा0 बीरेन्द्र प्रसाद यादव – बाढ से बचाव की तैयारी

माननीय मुख्यमंत्री बिहार श्री नीतीश कुमार ने विडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य में सम्भावित बाढ की तैयारी  तथा कम वर्षापात के कारण  सुखाड की स्थिति से निपटने हेतु सभी जिलाधिकारियों को त्वरीत कार्रवाई करने का निदेश दिया।

 माननीय मुख्यमंत्री ने कहा की राज्य में कम वर्षा के कारण सुखाड की स्थिति बन रही है परंतु राज्य के बाहर अत्यधिक वर्षा होने पर नदियों में उफान के कारण बाढ की संभावना भी बन सकती है। अतः हमे बाढ एवं सुखाड जैसी दोनो आपदाओं का सामना करने हेतु पूरी तैयारी करनी होगी।

उन्होने निदेश दिया की कम वर्षा के कारण धान का बिचरा के पटवन हेतु डिजल अनुदान की राशि सभी जिलों में भेजी गई है। सभी जिलाधिकारी तत्परता पूर्वक डिजल अनुदान की राशि को योग्य किसान के बीच वितरण करावें।

उन्होने सरकारी तथा गैर सरकारी नावों का रजिस्टेशन कराने, नाव पर क्षमता से अधिक लोगों को न बैठाने का निदेश दिया। उन्होने कहा की ओवरलोडिंग के कारण नाव डुबने की संभावना रहती है। अगर कोई नाविक अथवा नाव मालिक क्षमता से अधिक लोगों को बैठाता है तो उसपर कानूनी कार्रवाई करें। उन्होने नाविकों को घाट पर ही प्रशिक्षण देने का निदेश दिया ताकि आपात स्थिति में वे धैर्यपूर्वक आपदा का सामना कर सके।

सुखाड की स्थिति में आकस्मिक फसल योजना का लाभ किसानों तक पहुचाने, नलकूप के द्वारा पटवन कराने तथा खराब नलकूप को शीघ्र मरम्मत करने, नहरों में टेल इन्ड तक पानी पहुचाने का निदेश दिया गया। माननीय मुख्यमंत्री ने जिलों के प्रभारी सचिव को निदेश दिया की वे एक सप्ताह के अंदर संबंधित जिलों में जाकर बाढ एवं सुखाड दोनो की तेयारी का जायजा लें तथा आवश्यक तैयारी करावें। उन्होने बाढ की स्थिति में राहत सामग्रीयों की आपूति हेतु एक सप्ताह के अंदर सभी प्रक्रिया को पूर्ण करने का निदेश दिया।

माननीय मुख्यमंत्री ने मानव तथा पशु दवा एवं पशु चारा पर विशेष बल देते हुए आवश्यकता नुसार इसका भंडारण प्रखंड स्तर पर करने का निदेश दिया। साथ ही चिकित्सा दल का गठन प्रखंड स्तर पर करने का भी निदेश दिया। हैलोजन टब्लेट तथा ब्लीचिंग पाउडर का भंडारण भी करने तथा आवश्यकता पडने पर इसका उपयोग करने का निदेश दिया। बाढ की स्थिति में शरण स्थली/ राहत कैम्प का चुनाव कर वहा सफाई एवं मूलभूत सुविधा सुनिश्चित करने का निदेश दिया।

विडियो कान्फ्रेंसिंग में सभी प्रखंडों में उच्च तकनीक का वर्षा मापक यंत्र लगाने की अवश्यकता महसूस की गई। साथ ही पंचायत स्तर पर भी वर्षा मापक यंत्र लगाने हेतु प्रस्ताव बनाने का निदेश दिया गया।

विडियो कान्फ्रेंसिंग में भारतीय मौसम विज्ञान केन्द्र, जल संसाधन विभाग, पथ निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग द्वारा बाढ की तैयारियों के संबंध में प्रजेन्टेशन प्रस्तुत किया गया।

विडियो कान्फ्रंसिंग में जिलाधिकारी डा0 बीरेन्द्र प्रसाद यादव ने बताया की जिले में 75 प्रतिशत बिचरा का आच्छादन किया गया है। जून माह में 117 मि0मी0 की अपेक्षा मात्र 46.9 एम0एम0 वर्षा रिकाॅड की गई है। उन्होने बताया की बाढ एवं सुखाड दोनो की तैयारी की जा रही है। बाढ हेतु जिले में लगभग 100 बाढ राहत शिविर चिन्हित किये गये हैं। साथ ही जिला स्तर पर जिला आपात कालीन संचालन केन्द्र समाहरणालय में बनाया गया है। जिले में 126 कि0मी0 तटबंध की सुरक्षा हेतु गृहरक्षा वाहिनी के जवान की प्रतिनियुक्ति की जा रही है तथा 08-10 कि0मी0 पर 01-01 कनीय अभियंता की प्रतिनियुक्ति की जा रही है जो बांध का निरीक्षण करेंगे तथा बांध की सुरक्षा हेतु कार्रवाई करेंगे।

विडियो कान्फ्रेंसिंग मं जिलाधिकारी डा बीरेन्द्र प्रसाद यादव, पुलिस अधीक्षक श्री क्षत्रनील सिंह, उप विकास आयुक्त सुश्री इनायत खान, अपर समाहत्र्ता श्री सुरेन्द्र प्रसाद, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, डी0सी0एल0आर0 जगदीशपुर -सह- प्रभारी पदाधिकारी राजस्व श्री कुमार रविन्द्र, जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी श्री शंभू नाथ झा, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय श्री जे0पी0कर्ण, जिला पशुपालन पदाधिकारी, डा0 प्रतिक, कार्यपालक अभियंता पथ निर्माण/नलकूप/बाढ नियंत्रण प्रमंडल/भवन प्रमंडल सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।